मन के काज ऐसे आंय, जैसे परतिरिया संगत, गन्दे काम, लुच्चाई। मूरतन की पूजा, गुनयाई, बैर, न्याओ, जलन, विरोध, फूट और बुरय काम। दूसरन को बुरओ चाहबो, नसा करबो, नांच, राई, और ऐसई बुरय काम, इनके लाने मैं पेंला से कैत आंव, जैसो पेंला सोई कहो हतो, कि ऐसे काम करबेवारे ईसुर के राज में हक्कदार नईं हुईयें।