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श्रेष्ठगीत 4:7
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
IRVHin
हे मेरी प्रिय तू सर्वांग सुन्दरी है; तुझ में कोई दोष नहीं। (इफि. 5:27)
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श्रेष्ठगीत 4:9
हे मेरी बहन, हे मेरी दुल्हन, तूने मेरा मन मोह लिया है, तूने अपनी आँखों की एक ही चितवन से, और अपने गले के एक ही हीरे से मेरा हृदय मोह लिया है।
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