1
नीतिवचन 31:30
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
IRVHin
शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है, परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी।
Compare
Explore नीतिवचन 31:30
2
नीतिवचन 31:25-26
वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है, और आनेवाले काल के विषय पर हँसती है। वह बुद्धि की बात बोलती है, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।
Explore नीतिवचन 31:25-26
3
नीतिवचन 31:20
वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है।
Explore नीतिवचन 31:20
4
नीतिवचन 31:10
भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूँगों से भी बहुत अधिक है।
Explore नीतिवचन 31:10
5
नीतिवचन 31:31
उसके हाथों के परिश्रम का फल उसे दो, और उसके कार्यों से सभा में उसकी प्रशंसा होगी।
Explore नीतिवचन 31:31
6
नीतिवचन 31:28
उसके पुत्र उठ उठकर उसको धन्य कहते हैं, उनका पति भी उठकर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है
Explore नीतिवचन 31:28