अध्यक्ष परमेश्वर द्वारा चुने हुए भंडारी होने का कारण वह निर्दोष होना ज़रूरी है, न कि हठी, क्रोधी, मदिरा पीने वाले, झगड़ालू या लालची. वह अतिथि-सत्कार करने वाले, सब प्रकार की उचित बातों के समर्थक, संयमी, न्यायी, पवित्र तथा ऐसे हों जिन्होंने अपनी इंद्रियों को अपने वश में कर लिया हो.