1
मार्कास 2:17
सरल हिन्दी बाइबल
HCV
यह सुन येशु ने उन्हें ही संबोधित कर कहा, “वैद्य की ज़रूरत रोगी को होती है, स्वस्थ व्यक्ति को नहीं. मैं धर्मियों का नहीं परंतु पापियों का उद्धार करने आया हूं.”
Compare
Explore मार्कास 2:17
2
मार्कास 2:5
उन लोगों के इस विश्वास को देखकर येशु ने लकवे के रोगी से कहा, “पुत्र, आपके पाप क्षमा हो चुके हैं.”
Explore मार्कास 2:5
3
मार्कास 2:27
तब उन्होंने आगे कहा, “शब्बाथ की स्थापना मनुष्य के लिए की गई है, न कि मनुष्य की शब्बाथ के लिए.
Explore मार्कास 2:27
4
मार्कास 2:4
भीड़ के कारण वे लोग येशु के पास पहुंचने में असमर्थ थे, इसलिये उन्होंने जहां येशु थे, वहां की कच्ची छत को हटाकर वहां से उन रोगी व्यक्ति को बिछौने सहित नीचे उतार दिया.
Explore मार्कास 2:4
5
मार्कास 2:10-11
किंतु इसका उद्देश्य यह है कि आप लोगों को यह मालूम हो जाए कि मानव-पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा का अधिकार सौंपा गया है.” तब रोगी से येशु ने कहा, “उठिए, अपना बिछौना उठाइए और अपने घर जाइए.”
Explore मार्कास 2:10-11
6
मार्कास 2:9
लकवे के रोगी से क्या कहना सरल है, ‘आपके पाप क्षमा हुए’ या यह, ‘उठिए! अपना बिछौना उठाकर चले जाइए’?
Explore मार्कास 2:9
7
मार्कास 2:12
वह उठे और तत्काल अपना बिछौना समेटकर उन सबके देखते-देखते वहां से चले गए. इस पर वे सभी चकित रह गए तथा परमेश्वर की वंदना करते हुए कहने लगे, “ऐसा हमने कभी नहीं देखा.”
Explore मार्कास 2:12