“अतः अब आप ध्यान से मेरी सुन लीजिए, आप तो बुद्धिमान हैं.
परमेश्वर के लिए तो यह संभव ही नहीं कि वह किसी भी प्रकार की बुराई करें,
सर्वशक्तिमान से कोई भूल होना संभव नहीं.
क्योंकि वह तो किसी को भी उनके कार्यों के अनुरूप प्रतिफल देते हैं;
तथा उनके आचरण के अनुसार फल भी.