उन्हीं दिनों में हिज़किय्याह को ऐसा रोग हो गया कि वह मरने पर थे. आमोज़ के पुत्र भविष्यद्वक्ता यशायाह उनसे मिलने आए. उन्होंने हिज़किय्याह से कहा, “यहोवाह का संदेश यह है—अपने परिवार की व्यवस्था कर लीजिए क्योंकि आपकी मृत्यु होनी ही है, आपका रोग से ठीक हो पाना संभव नहीं.”