समय के अनुसार तो आप लोगों को अब तक शिक्षक बन जाना चाहिए था किंतु अब आवश्यक यह हो गया है कि कोई आप लोगों को दोबारा परमेश्वर के ईश्वरीय वचनों के शुरू के सिद्धांतों की शिक्षा दें. आप लोगों को ठोस आहार नहीं, दूध की ज़रूरत हो गई है! वह व्यक्ति जो मात्र दूध का सेवन करते हैं, धार्मिकता की शिक्षा से अपरिचित हैं, क्योंकि वह शिशु हैं.