यह सुनना था कि शाऊल पर परमेश्वर का आत्मा बड़ी सामर्थ्य में तीव्र गति से उतरा. उनका क्रोध बहुत भयंकर तरीके से फूट पड़ा. उन्होंने एक जोड़ी बैलों को लेकर टुकड़े-टुकड़े कर सारे इस्राएल देश में इन टुकड़ों को दूतों के हाथ से इस संदेश के साथ भेज दिया, “जो कोई इस मौके पर शाऊल तथा शमुएल का साथ देने से पीछे हटेंगे, उनके बैलों की यही दुर्गति की जाएगी.” इस पर लोगों में यहोवाह का भय छा गया और वे एकजुट होकर आगे आ गए.