मूल़ 3
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संसारै पाप हणें शुरूआत
1बिधाता ज़ेतरै बी बणें ज़ीब बणाऐं, तिन्नां मांझ़ै थिई दानअ सोभी का खास्सी च़लाक। एकी धैल़ै आई सह दानअ बेटल़ी सेटा संघा लागी इहअ पुछ़दी, “बिधाता तम्हां लै सच्च़ी आसा इहअ बोलअ द कि बागा इना कोही बी डाल़ा-बूटे फल़ निं खाई?”#प्रका. 12:9; 20:2
2तैहा बेटल़ी दैनअ दानुईं लै ज़बाब, “बिधाता आसा हाम्हां लै बोलअ द, कि हाम्हैं सका एऊ बागे सोभी डाल़ा-बूटे फल़ खाई, 3पर ज़ुंण बूट एऊ बागा मांझ़ा-मांझ़ी आसा लागअ द, तेता लै आसा नांईं किअ द। तेता लै आसा बिधाता बोलअ द कि एऊ बूटो फल़ खाणअ ता दूर, पर एता निं हेरे छ़ुंहीं बी आथी। ज़हा धैल़ी हाम्हैं एतो फल़ खाए तैहा धैल़ी हणीं थारी मौत।”
4तैहा दानुईं बोलअ तैहा बेटल़ी लै, “तम्हैं निं च़ाल्लै सच्च़ी मरी! 5बिधाता का आसा थोघ कि ज़हा धैल़ी तम्हैं एऊ बूटो फल़ खाए तैहा धैल़ी किज़ै हणअ अर तम्हां का बी जाणअ शुझुई कि तम्हैं किज़ै किअ अर तेभै हणैं तम्हैं बिधाता ज़िहै, ज़हा का भलै अर बूरैओ थोघ आसा।”
6सह बेटल़ी हुई दानुईंए गल्ला शूणीं राज्ज़ी। सह लागी भाल़ी कि सह बूट आसा हेरना लै मना लोभणैं आल़अ अर एते फल़ बी शुझिआ कि एता खाई एछणअ सुआद अर एता करै एछणी मुंह खास्सी समझ़-बुध बी। तैहा चोल़ै तेऊ बूटा का फल़ संघा पाअ आप्पू खाई, संघा दैनअ आपणैं लाल़ै लै बी अर तेऊ बी खाअ।#1 तिम. 2:14
पाप करनैओ नतिज़अ
7ज़ेतरी तिन्नैं फल़ खाअ ई त कि तिन्नां आई समझ़ कि तिन्नैं किज़ै किअ अर तेखअ ज़ाण्हुंअ तिन्नां का इहअ कि तिंयां आसा नांगै। तेखअ बणाऐं तिन्नैं फेडूए बूटा का बडै-बडै पाच चोल़ी करै इहै झिकल़ै ज़ेता करै तिंयां आपणैं गुप्त आंगा बुदरी सके। 8उडै ज़ेभै ठांढी बागरी लागा ती तेभै एछा त बिधाता बागा दी तिन्नां सेटा, तधू ज़ांऊं आदमी अर तैहा बेटल़ी बागा दी बिधाता एछणें छ़ेल़ शूणीं, तिन्नां छ़ुटी डरै काम्मणीं संघा लुक्कै तिंयां बागा दी डाल़ा बूटा जैंदरी।
9बिधाता लाई तेऊ आदमी लै हाक्का संघा पुछ़अ इहअ, “तूह किधी आसा?”
10आदमी दैनअ इहअ ज़बाब, “बागा दी तेरी एछणें छ़ेल़ शूणीं छ़ुटी मुखा डरै काम्मणीं, किल्हैकि हुंह थिअ नांगअ, तैही लुक्कअ हुंह डाल़ा-बूटा जैंदरी।”
11बिधाता पुछ़अ, “लै ताखा कुंणी खोज़अ कि तूह आसा नांगअ? ज़ुंण बूट बागा मांझ़ा-मांझ़ी आसा, तंऐं हेरे तेतो फल़ किनी खाअ?”
12तेऊ आदमी दैनअ इहअ ज़बाब, “अह बेटल़ी ज़ुंण तंऐं मुंह संघै आसा डाही दी, ऐहा दैनअ मुल्है तेतो फल़ खाणां लै, मंऐं बी टाल्लअ सह खाई!”
13बिधाता पुछ़अ तैहा बेटल़ी का, “तंऐं किल्है किअ इहअ।” तैहा बेटल़ी दैनअ ज़बाब, “ऐहा दानुईं पाई हुंह कबैल़ै दी, तै खाअ मंऐं।” #रोम. 7:11; 2 करि. 11:3; 1 तिम. 2:14
14तेखअ बोलअ बिधाता दानुईं लै,
“ज़ुंण तंऐं अह इहअ किअ,
ताल्है आसा सोभी घरेलू डागै-चैणैं
अर बणें ज़ीबा का खास्सअ फिटक,
ताह लागणअ सारी अमरा
पेटा करै घिस्सरुई हांढणअ।
15ताह अर ऐहा बेटल़ी मांझ़ै
रहणीं सदा एकी-दुजै संघै ज़ीद
तेरी लुआद अर ऐहा बेटल़ीए लुआदा
रहणीं सदा लै एकी-दुजै संघै ज़ीद।
तिन्नां चल़ेपणअ तेरअ मूंड
अर ताह दैणअ तिन्नें घुंढी डाम्ह।”#प्रका. 12:17
16तेखअ बोलअ बिधाता तैहा बेटल़ी लै बी,
“सुंदा बारी हणीं तेरी बूरी दशा,
तेरअ शाह रहणअ तेरै लाल़ै दी शाची
अर तेऊ करनअ
ताह प्रैंदै राज़।”#1 करि. 11:3; इफि. 5:22; कुलू. 3:18
17तेऊ आदमी लै बोलअ बिधाता इहअ,
“आपणीं बेटल़ीए ज़ाणैं लागी
खाअ तंऐं तेऊ बूटो फल़
ज़ेता खाणां लै मंऐं ताल्है नांईं किअ त।
तेरै एऊ कर्मा पिछ़ू लागअ
धरती लै फिटक,
ताह लागणअ सारी अमरा
दुख भुगती करै एते पज़ैआ खाणीं।#इब्रा. 6:8
18ताह लागणअ खेचै खटी करै
आपणअ पेट भरनअ,
पर धरती पज़ेरनै ताल्है बाण-भेखल़।
19ताह लागणीं ज़िऊंणां लै
खास्सी मैन्थ करनी।
ज़िहअ तूह मंऐं
माट्टै का आसा बणाअं द,
खिरी डेऊणअ तूह
तेऊ ई माट्टै जैंदरी।”
20आदमी डाहअ आपणीं लाल़ी नाअं ज़नानी किल्हैकि ज़ेतरै बी धरती दी मणछ ज़िऊंदै आसा लागै दै, सह आसा तिन्नें मूल़ माता। 21तेखअ बणाऐं बिधाता पशूए खाल्हल़ी करै झिकल़ै संघा बन्हैऊंऐं तिंयां तेऊ आदमी अर तेऊए लाल़ी लै।
22तेखअ बोलअ बिधाता इहअ, “इना मणछा का गअ ऐबै भलै अर बूरै दी तिहअ ई फरक समझ़ एछी ज़िहअ मुखा आसा थोघ। ऐबै इहअ निं हआ कि ईंयां तेऊ बूटे फल़ा बी खाए ज़ेता करै सदा रहा ज़िऊंदै।”#प्रका. 2:7; प्रका. 22:2,14,19; मूल. 3:24; प्रका. 2:7
23एता पिछ़ू काढै बिधाता तिंयां मणछ अदने बागा का बागै तैहा धरती का खटी करै खाणां लै ज़ेता का तिंयां बणाऐं दै आसा।
24बिधाता डाहै तेखअ अदने बागा दी अमर ज़िन्दगी दैणैं आल़ै बूटे फाज़त करना लै पुर्बा बाखा करूब नाओंए स्वर्ग दूत, संघा डाही तेऊ बूटे बाता च़ऊ बाखा फिरदी ज़ल़दी तलबार।
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