मूल़ 2
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सातुई धैल़ी-बशैघ
1इहअ करै बणाअं बिधाता सारअ भ्रमंड अर तेते सोभै गल्ला।
2बिधाता किअ सातुऐ धैल़ै आपणैं सोभै काम करी बशैघ।
3बिधाता दैनी सातुऐ धैल़ै लै बर्गत, सह धैल़ी डाही शुची धैल़ी किल्हैकि ऐहा धैल़ी मुक्कअ त बिधाता भ्रमंडे सोभी गल्ला बणाईं संघा किअ तेऊ बशैघ।
4सारै भ्रमंडा बणाणेंओ पूरअ हाल आसा इहअ कि ज़धू बिधाता सरग अर पृथूई बणाईं, 5तधू नांईं त पृथूई दी किछ़ै आथी, नां सरली ज़िम्मीं दी डाल़-बूट थिऐ नां घाह पाच। किल्हैकि तधू तैणीं निं बिधाता धरती दी पाणीं बरशाऊअ त अर नां तेथ ज़ैगा-ज़िम्मीं खटणा लै मणछ आथी तै।
6पर पृथूई दी उझ़िआ ती धूँईं, तेता करै पल़ा ती धरती दी बाच। 7तेखअ बणाअं परमेशर बिधाता#2:7 बिधाता इब्रानी बोली दी याहवेह धरतीए माट्टै करै आदमी#2:7 आदमी इब्रानी बोली दी आसा मर्ध लिखअ द। संघा पाअ तेऊए नाके ढुंण्हीं दी ज़िऊंणेंओ शाह, तिहअ करै हुअ सह ज़िऊंदअ मणछ।#1 करि. 15:45
8तेखअ बणाअं बिधाता धरती दी पुर्बा दिशा बाखा अदन नाओंए ज़ैगा एक बाग संघा डाहअ सह मणछ तेऊ बागा दी, ज़ुंण तेऊ आपणैं हाथा करै बणाअं त।
9बिधाता बणाऐं तेथ भांती-भांतीए डाल़-बूट ज़ेता भाल़ी मन्न लोभा त, अर खाणां लै थिऐ तेते फल़ बधिया। तेऊ बागा मांझ़ा-मांझ़ी लाअ बिधाते ज़िन्दगीओ बूट अर भलै अर बूरे समझ़ दैणैं आल़अ बूट।#प्रका. 2:7; 22:2,14
10तेऊ बागा भेऊंणा लै बहाऊअ बिधाता अदना का एक खास्सअ बडअ दरैअ अर आजू बणी बांढुई करै तेते च़ार दरैअ।#प्रका. 22:2
11पैहलै दरैऊआ नाअं आसा: पीशोन, अह आसा सह ई दरैअ ज़ुंण हबीला नाओंए तेऊ सारै देशै बगा, ज़िधी सुन्नअ भेटा। 12तेऊ देशो सुन्नअ आसा सोभी का च़ोखअ, तिधी भेटा सुलैमानी किम्मती पात्थर अर शोभली बास्सा आल़अ सेल्हरअ बी।
13दुजै दरैऊआ नाअं आसा गीहोन, अह आसा सह ई दरैअ ज़ुंण सारै कूश#2:13 कूश आझ़काला आसा एऊ देशा नाअं इथोपिया देशा फेर बगा।
14चिऊथै दरैऊआ नाअं आसा दजला, अह आसा सह ई दरैअ ज़ुंण अश्शूर देशे पुर्बा बाखा लै बगा अर च़ौथै दरैऊआ नाअं आसा फरात।
15बिधाता निंयं सह मणछ अदने बागा लै ताकि सह तेथ काम करे अर तेते फाज़त बी करे।
16बिधाता किअ तेऊ मणछा लै इहअ हुकम, “तूह सका एऊ बागा होरी सोभी डाल़ा-बूटो फल़ खाई, 17पर ज़ुंण एऊ बागा दी मांझ़ा-मांझ़ी भलै अर बूरे समझ़ दैणैं आल़अ बूट आसा, एतो फल़ निं तूह खाई। ज़हा धैल़ी तूह एतो फल़ खाए तैहा धैल़ी हणीं तेरी मौत।”
18तेखअ सोठअ बिधाता इहअ, “आदमीओ एक्कै रहणअ निं ठीक आथी, मुंह बणाणअं एऊ लै इहअ साथी ज़ुंण एऊ संघै ढब्बे।”#1 करि. 11:9
19तेखअ आणै बिधाता आपणैं बणाऐं दै धरतीए सोभै ज़ीब अर सरगै डैऊंदै सोभै च़ेल्लू-पखीरू आदमी सेटा कि सह भाल़े कि तेऊ आदमी तिन्नों किज़ै-किज़ै नाअं डाहा, तिन्नां सोभी ज़ीबो ज़िहअ-ज़िहअ नाअं तेऊ आदमी डाहअ, तिन्नों पल़अ तिहअ ई नाअं।
20इहअ करै डाहै तेऊ आदमी सोभी बणें ज़ीब, घरेलू डागै-चैणैं अर सरगै डैऊंदै च़ेल्लू-पखीरूए नाअं। पर आप्पू लै निं तेऊ इहअ साथी भेटअ ज़ुंण तेऊ संघै ढब्बे।
21तेखअ सताऊअ बिधाता सह आदमी घणीं निंजा दी, ज़ांऊं सह सुत्तअ, तेखअ काढअ तेऊओ एक शल़्हअ अर तैहा ज़ैगा भरअ मास्स।#1 करि. 11:8
22तेऊ शल़्है करै बणाईं बिधाता एक बेटल़ी, संघा निंईं सह तेऊ आदमी सेटा लै।#1 तिम. 2:13
23तैहा भाल़ी बोलअ तेऊ आदमी,
“अह आसा बै मुंह ई ज़ेही,
अह आसा मेरी देहीओ भाग अर
मेरअ आपणअ हाड-मास्स।
मुंह डाहणअ ऐहा नाअं बेटल़ी।”
24तैही रहणअ मर्ध आपणैं ईजा-बाबा छ़ाडी आपणीं लाल़ी संघै मिली अर तिंयां दुहै हणैं एक देही।#मोत्त. 19:5; मार्क. 10:7,8; 1 करि. 6:16; इफि. 5:31
25आदमी अर तेऊए लाल़ी रहा तै दुहै नांगै पर तिन्नां नांईं ती ऐहा गल्ले शरम लागदी।
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