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मत्तय 24:35

मत्तय 24:35 AII25

आकाश अनी पृथ्वी पुसाई जाई, पण मनं वचन पुसावणारच नही.”

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मत्तय 24:35 - आकाश अनी पृथ्वी पुसाई जाई, पण मनं वचन पुसावणारच नही.”मत्तय 24:35 - आकाश अनी पृथ्वी पुसाई जाई, पण मनं वचन पुसावणारच नही.”मत्तय 24:35 - आकाश अनी पृथ्वी पुसाई जाई, पण मनं वचन पुसावणारच नही.”