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रोमियो 11:36
Marwari
RWR
क्यूंकै सगळी रचना उणरी है, उण ऊं सगळौ कीं स्थिर है अर वो उणीज रै लियै है। उणरी महिमा हमेसां हो। आमीन।
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रोमियो 11:33
परमेसर रौ धन, बुद्धि अर ग्यांन किता अपरम्पार है। उणरौ न्याव कितौ गेहरो है, अर उणरौ मारग कितौ रहस्यमय है।
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रोमियो 11:34
पवितर सास्तर कैवै है, “परभु रै मन नै कुण जांणै है? अर उणनै सलाह देवणवाळौ कुण हो सकै है?
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रोमियो 11:5-6
ठीक इणीज रीति ऊं इण वगत भी, अनुग्रह ऊं चुणयोड़ा कीं लोग बाकी है। जे ओ परमेसर रै अनुग्रह रौ परिणाम है तो लोग जिकौ करम करै है, ओ उण करमो रौ परिणाम कोनीं है। नीं तो परमेसर रौ अनुग्रह, अनुग्रह ही नीं ठैरतौ।
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रोमियो 11:17-18
बल्कि जे कईक डाळियो तोड़ नै फेंक दी है, अर थूं जंगळी जैतून होयनै उणमे कलम कियो गियौ, अर जैतून री जड़ री चिकनाई रौ भागी होयौ है, तो डाळियो माथै घंमड नीं करणौ। अर जे थूं घंमड करै तो याद राखै की थूं जड़ नै कोनीं पण जड़ थनै पाळ री है।
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