मूल़ 6
6
बिधाता किअ संसारो नसाफ
1-2इहअ करै रहै धरती दी खास्सै मणछ हंदै लागी, खिरी छिंघुऐ तिंयां सारी पृथूई दी। तिन्नें कई शोहरी थिई हेरनी शुणनी बेघै बित्ती। तेखअ ज़हा लै बिधाते शोहरू#6:1-2 बिधाते शोहरू स्वर्गे ज़ीब। बोला तै, तिंयां लोभणूंऐं तिन्नां शोहरी भाल़ी, संघा डेऊऐ तिंयां तिन्नां जैंदरी, तेखअ ज़ुंण-ज़ुंण शोहरी तिन्नां गम्मी, तिन्नां-तिन्नां संघा किअ तिन्नैं बैह।#आयू. 1:6; 2:1 3तेखअ बोलअ बिधाता इहअ, “ऐबै निं मुंह आपणअ ज़िऊंणेंओ शाह #6:3 ज़िऊंणेंओ शाह मेरी आत्मां ज़ुंण ज़िन्दगी दैआइना दी सदा लै डाहणअ। ऐबै करनी मुंह मणछे अमर एकी शौआ बिहा साला तैणीं।”
4तेऊ ज़मानैं रहा तै धरती दी बडै-बडै दैन्तर मणछ, तिंयां थिऐ आजू तिन्नें लुआद ज़हा मणछे शोहरी संघै तिंयां बिधाते शोहरू रहै-बस्सै। तिंयां थिऐ खास्सै जोधै मणछ अर तेऊ ज़मानैं थिऐ तिंयां मशूर।
मणछो पाप
5बिधाता भाल़अ कि धरती हुऐ मणछ बेघै बूरै, अर तिंयां सोठा आपणैं मन्नैं हर बगत बूरअ ई।#भज. 53:2
6इहअ भाल़ी हुअ बिधाता दुख, सह पछ़ताअ धरती दी मणछा बणाईं करै।
7बिधाता बोलअ इहअ, “ज़ुंण मंऐं ईंयां मणछ बणाऐं, ईंयां करनै मुंह सोभ मारी खतम! अर पृथूईए सोभै हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीब अर सरगै डैऊणै आल़ै च़ेल्लू-पखीरू, डागै-चैणैं बी निं मुंह किछ़ डाहणैं, ईंयां मणछ बणाऐं मंऐं च़िंधी।”
धर्मीं नूह
8पर बिधाता किई नूहा लै झींण।
9नूहो खिंब आसा इहअ:
संसारै थिअ नूह ई एक्कै मणछ धर्मीं अर सह मना त बिधाता बोली दी हर गल्ला।#2 पत. 2:5
10नूहे हुऐ चअन शोहरू, शेम, हाम, अर ज़बेद।
11बिधाता भाल़अ कि होर सोभ आसा कदुष्ट कामां दी लागै दै, अर सारै संसारै भर्हुअ पाप।
12बिधाता भाल़अ कि संसारै गऐ सोभै ज़ीब पठी बिगल़ी अर सोभै मणछ आसा आपणीं मन्न-मरज़ी दी बूरी ज़िन्दगी ज़िऊंदै लागै दै।
13तेखअ बोलअ बिधाता नूहा लै इहअ, “मंऐं हेरअ ऐबै सोठी कि मुंह करनै संसारे सोभै पठी मारी हक्क, किल्हैकि संसारै भर्हुअ पाप अर सोभ लोग आसा कदुष्ट कामां दी लागै दै।
14“ऐबै कर तूह इहअ, सरुए बूटे बधिया काठा करै बणाऐं एक ज़हाज़, भितरी बणाऐं तेथ पांडा संघा लेस्सै तेता बागा-भितरा संघी केल़ुईए सेल्हरै करै। 15तेता बणाऐं तूह एक शौ तेत्ती हाथ लाम्मअ, बाई हाथ बिरलअ अर तेर्हा हाथ उछ़टअ।
16“ज़हाज़ा दी बणाऐं एक ताक्की, अर तेता का एक हाथ उझै का पाऐ छ़ाप्पर, अर एकी बाखा डाहै तेथ दुआर, भितरी बणाऐं तेथ चअन पांडा।
17“मंऐं लाई पाणींए प्रल़या छ़ाडी धरती दी सोभै ज़िऊंदै ज़ीब मारी। धरती दी हणैं सोभै खतम।
18“पर ताल्है आसा मेरी एही करार कि तेरी लाल़ी, शोहरू-नुशा निं हुंह मारदअ, तिन्नां निंयैं तूह आप्पू संघै ज़हाज़ा दी।
19-20“संघा पाऐ तूह हरेकी ज़ातीए सोभी हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीबे, डागै-चैणैं, च़ेल्लू-पखीरूए ज़ोल़ी-ज़ोल़ी नर-मादा आप्पू संघै ज़हाज़ा दी। हुंह च़ाहा इहअ कि ताह संघै तिंयां बी ज़िऊंदै रहै।
21“ज़ुंण खाणैं-पिणें भांती-भांतीए च़िज़ा आसा, तिन्नां डाहै तूह आप्पू सेटा कठा करी, तिंयां हणीं ताल्है तिन्नां लै खाणैं-पिणां लै।”
22बिधाता ज़िहअ-ज़िहअ नूहा लै बोलअ, तेऊ किअ तिहअ ई।#इब्रा. 11:7
Pilihan Saat Ini:
मूल़ 6: OSJ
Sorotan
Salin
Bandingkan
Bagikan
Ingin menyimpan sorotan di semua perangkat Anda? Daftar atau masuk
This work is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.