भजन संहिता 138:7

भजन संहिता 138:7 BGC

चाहे मै मुसीबत कै बीच म्ह चाल्‍लूँ, फेर भी तू मन्‍नै सही-सलामत राक्खैगा, तू मेरे छो तै भरे होये दुश्मनां कै खिलाफ हाथ बढ़ावैगा, अर अपणे सोळे हाथ तै मेरा उद्धार करैगा।