परमेश्वर हमारे साथ – आगामी बाइबल योजनाНамуна

मत्ती रचित सुसमाचार
हमारी अगुवाई करने के लिए परमेश्वर हमारे साथ है
मत्ती रचित सुसमाचार के आधार पर यीशु के जन्म की ओर अगुवाई करने वाली घटनाओं की यह कहानी एक तेज़ी से बढ़ने वाले उपन्यास के समान है। हम धरती पर उसके वंशजों की विश्वसनियता को देखने के लिए उसकी वंशावली को देखते हैं और उसके तुरन्त बाद उसके पिता युसुफ की बात होने लगती हैं जो कि उसकी मां को त्यागने का विचार कर रहा था जो यीशु को अपने गर्भ में धारण किये हुए थी। आगे आने वाली सम्पूर्ण कहानी ऐसी आत्मिक बातों के बारे में बताती है जिससे लोगों के जीवन में परमेश्वर की इच्छा को मुख्य स्थान मिल सके।
एक स्वर्गदूत ने आकर युसुफ की अगुवाई की ताकि वह आगे बढ़कर मरियम से विवाह करे। ज्योतिषियों, अर्थात पूर्व दिशा से आये हुए बुद्धिमान पुरूषों की सितारे ने अगुवाई की और उसे यीशु के जन्म स्थान पर पहुंचा दिया। इन विद्वानों को बाद में चेतावनी दी गयी कि वे वापस हेरोदेस के पास न जाएं क्योंकि उसके विचार इस बालक को लेकर अच्छे नहीं थे। युसुफ को पुनः बेतलेहम छोड़कर मिस्र में जाकर तब तक रहने का आदेश दिया गया जब तक कि हेरोदेस छोटे लड़कों की हत्या करवाने का अपना विचार न छोड़ दे। उसके बाद फिर स्वपन के द्वारा यूसुफ को चिताया जाता है कि जब माहौल सहज हो जाए तो वह यहूदिया में जाकर रहने लगे इस तरह से उनका परिवार नासरत में जाकर बस गया।
हम यहां पर एक ऐसे परमेश्वर को देखते हैं जो अपनी आज्ञाओं का पालन करने वाले लोगों की निरन्तर अगुवाई करता रहता है ताकि वह उनमें और उनके द्वारा अपनी सिद्ध योजनाओं को पूरा कर सके। परमेश्वर का हमारे साथ होना कोई इत्तफाक या संयोग नहीं है परन्तु यह परमेश्वर की एक सुनियोजित योजना है। जब हम उसे अपने प्रभु और उद्धारकर्ता के रूप में अपने जीवन में ग्रहण करते हैं तो वह हमारे भीतर और हमारे साथ रहने के लिए चुनाव करता है। हमारे जीवन को उसके हाथों में सौंपने का अर्थ यह है कि हम उसे अपने जीवन का सम्पूर्ण अधिकार दे रहे हैं। वह हमारे जीवन की गाड़ी का चालक बन जाता है और हम उसके साथ वाली कुर्सी पर बैठकर यात्रा का आनन्द उठाते हैं (हम पीछे बैठकर नियन्त्रण करने का प्रयास नहीं करते हैं)। मसीह का हमारे जीवन पर अधिकार करने का अर्थ है कि हमें बिना अपना दिमाग इस्तेमाल किये हुए किसी के पीछे हो लेने के लिए नहीं छोड़ा गया है बल्कि हम चीज़ों को अलग नज़रिये से देखने लगते हैं और जब वह हमारी नये, अपरिचित मगर पहले से अधिक संतोषजनक मार्गों में अगुवाई करता है तो हम उसे महसूस करने लगते हैं। यदि हम उसे अनुमति देते हैं तो वह हमारे रिश्तों, हमारी नौकरी, हमारी शिक्षा, हमारे चुनाव और हमारी इच्छाओं में अगुवाई करता है। यदि हम उसे अवसर प्रदान करते हैं तो वह हमारी अगुवाई कर सकता है। यदि हम उसे जगह देते हैं तो वह हमारी अगुवाई कर सकता है। जब हम विनम्रता के साथ उसकी आज्ञाओं को मानेगें और उसके प्रति जिज्ञासु बनेगें तो वह बड़े आनन्द के साथ हमारी अगुवाई करेगा। क्या आप परमेश्वर की अगुवाई प्राप्त करने के लिए कितने इच्छुक हैं?
मूसा और यहोशू के समय में, परमेश्वर लगातार लोगों से आग्रह किया करते थे कि वे न डरें क्योंकि वह उनके साथ है। उसने दिन रात उनकी अगुवाई आग और बादल के खम्बे के रूप में की थी। उसने रणभूमि में उनकी अगुवाई की और स्वयं उनके लिए लड़ा। राजा दाऊद और अन्य भजनकारों ने जीवन के हर दौर में परमेश्वर की सुन्दर उपस्थिति के हमारे साथ होने को लेकर भजन लिखें हैं। यीशु परमेश्वर पिता की तुलना अच्छे चरवाहे से करते हैं जो अपनी सभी भेड़ों को नाम से जानता है और जो बड़े प्रेम के साथ अपनी भेड़ों की अगुवाई हरी हरी चराईयों में करता है। अतः यदि हम ऐसे परमेश्वर की आराधना करते हैं जो, हमारे जीवन के हर क्षेत्र में शामिल है तो हम कठिन निर्णय लेने में क्यों घबराते हैं? हम कल की चिन्ता करते हुए क्यों अनिंद्रा भरी रातें गुजारते हैं? क्या हम उस इम्मानुएल पर विश्वास कर सकते हैं- परमेश्वर हमारे साथ कहलाने वाला परमेश्वर वास्तव में सारी सच्चाई और अपने नाम के निमित्त धार्मिकता के मार्गों में अगुवाई करने के लिए हमारे साथ है। क्या उसकी निरन्तर बनी रहने वाली उपस्थिति के निश्चय और हमारे जीवन के हर क्षेत्र में समय समय पर उसकी अगुवाई के कारण हमारा अटल आत्मविश्वास प्रगट होता है।
प्रार्थनाः
हे प्रिय परमेश्वर,
जिस मार्ग में मुझे चलना चाहिए उसी में आप मेरी अगुवाई करें। मैं अपने जीवन का सम्पूर्ण अधिकार आपके हाथों में सौंपता हूं और आप से अनुरोध करता हूं कि आप हर मार्ग में मेरी अगुवाई करें। आप मेरे साथ है इसलिए इस यात्रा में आप मुझे आनन्द और आत्मविश्वास प्रदान करें। यीशु के नाम में मांगते हैं आमीन।
About this Plan

हमारा संसार ज़्यादातर समयों में अनिश्चित व उथल पुथल जान पड़ता है। यदि परमेश्वर के पुत्र, यीशु न होते तो, हमारे पास कोई आशा नहीं होती। हर एक क्रिसमस हमें इम्मानुएल रूपी उपहार की याद दिलाता है- परमेश्वर का हमारे साथ होना एक उपहार है जो हमेशा बना रहता है। हम अब से लेकर सर्वदा तक कभी भी अकेले नहीं हैं। यह हमारे लिए एक ख़ुशी की बात है।
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