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यशुअ 6:2
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
रब ने यशुअ से कहा, “मैंने यरीहू को उसके बादशाह और फ़ौजी अफ़सरों समेत तेरे हाथ में कर दिया है।
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Telusuri यशुअ 6:2
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यशुअ 6:5
जब वह नरसिंगों को बजाते बजाते लंबी-सी फूँक मारेंगे तो फिर तमाम इसराईली बड़े ज़ोर से जंग का नारा लगाएँ। इस पर शहर की फ़सील गिर जाएगी और तेरे लोग हर जगह सीधे शहर में दाख़िल हो सकेंगे।”
Telusuri यशुअ 6:5
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यशुअ 6:3
जो इसराईली जंग के लिए तेरे साथ निकलेंगे उनके साथ शहर की फ़सील के साथ साथ चलकर एक चक्कर लगाओ और फिर ख़ैमागाह में वापस आ जाओ। छः दिन तक ऐसा ही करो।
Telusuri यशुअ 6:3
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यशुअ 6:4
सात इमाम एक एक नरसिंगा उठाए अहद के संदूक़ के आगे आगे चलें। फिर सातवें दिन शहर के गिर्द सात चक्कर लगाओ। साथ साथ इमाम नरसिंगे बजाते रहें।
Telusuri यशुअ 6:4
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यशुअ 6:1
उन दिनों में इसराईलियों की वजह से यरीहू के दरवाज़े बंद ही रहे। न कोई बाहर निकला, न कोई अंदर गया।
Telusuri यशुअ 6:1
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यशुअ 6:16
सातवें चक्कर पर इमामों ने नरसिंगों को बजाते हुए लंबी-सी फूँक मारी। तब यशुअ ने लोगों से कहा, “जंग का नारा लगाएँ, क्योंकि रब ने आपको यह शहर दे दिया है।
Telusuri यशुअ 6:16
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यशुअ 6:17
शहर को और जो कुछ उसमें है तबाह करके रब के लिए मख़सूस करना है। सिर्फ़ राहब कसबी को उन लोगों समेत बचाना है जो उसके घर में हैं। क्योंकि उसने हमारे उन जासूसों को छुपा दिया जिनको हमने यहाँ भेजा था।
Telusuri यशुअ 6:17