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मती 17:20
Wagri
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ईसुई वणहू केजू, “केमके तमय मा विसवास ने कमी हे। मुँ तमय हासु कऊँ हूँ, अगर तमय मा हरबा ने बीज जेवो विसवास वेतो ते तमो अणा मगरा हू केई हकता के, ‘निय हू सिटी थाई जा,’ ते वु सिटी थाई जातु। तमारे हारू मुसकिल कईस नीं थातु।”
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Explorer मती 17:20
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मती 17:5
पतरस अबार वाती करीस रेजो तो नी जुओ, एक तोळा वादळाए आवीनी वणय टाकी दिदा नी वादळा माहू ये आकास वाणी थाजी के, “यो मारे लाड़ळो सुरो हे जणाहू मुँ कईक राजी हूँ। नी इनेस हबलो।”
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मती 17:17-18
उतर मा ईसुई केजू, “हे अविसवास करवा वाले मनको मुँ कतरीक वळा लगण तमारे हाते फेर रेई? किरे लगण मुँ तमारे बारामा विटतो रेई? वणा सुराय मय कनी लावो।” तेरे ईसुई वणी बुरी आतमा ने वलगीनी केजू नी वे वणा माहू निकली गई। नी वी सुरो तरत होज थाई गियो।
Explorer मती 17:17-18