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मती 18:6

मती 18:6 RWR

“पण जे कोई इण छोटौ में ऊं जिकौ म्हारै माथै विसवास करै है एक नै ठोकर खिलावौ, उणरै लियै भलौ हो की मोटी चक्‍की रौ पाट उणरै गळे मे टेर देता अर उणनै समंदर में डूबो दियौ जातौ।

Obrázkový verš मती 18:6

मती 18:6 - “पण जे कोई इण छोटौ में ऊं जिकौ म्हारै माथै विसवास करै है एक नै ठोकर खिलावौ, उणरै लियै भलौ हो की मोटी चक्‍की रौ पाट उणरै गळे मे टेर देता अर उणनै समंदर में डूबो दियौ जातौ।