रोमियों 8:5

रोमियों 8:5 BRAJ

चौंकि बे जो अपने सांसारिक मानव स्‍वभाव के अनुसार जीबित हैं, बिनकी बुद्धि मानव स्‍वभाव की इच्‍छान पै टिकी रैहतै पर बे जो आतमा के अनुसार जीबित है, बिनकी बुद्धि जो आतमा चाहतै बिन अभिलासओं में लगी रहतै।