मत्‍ती 5:14

मत्‍ती 5:14 BRAJ

“तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।

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मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।मत्‍ती 5:14 - “तुम जगत के उजीते हौ। जो सहर पहाड़ पै बसौ होय बू छिप नांय सके।

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