रोमियन 5:3-4
रोमियन 5:3-4 BAG
केबल एतनय भर नहीं, बलकिन हमहीं पंचन काहीं दुख-मुसीबत माहीं घलाय आनन्द मनामँइ चाही, इआ जानिके कि दुख-मुसीबत से धीरज पइदा होत हय। अउर धीरज धरे से निकहा चरित्र पइदा होत हय, अउर निकहा चरित्र से आसा पइदा होत ही।
केबल एतनय भर नहीं, बलकिन हमहीं पंचन काहीं दुख-मुसीबत माहीं घलाय आनन्द मनामँइ चाही, इआ जानिके कि दुख-मुसीबत से धीरज पइदा होत हय। अउर धीरज धरे से निकहा चरित्र पइदा होत हय, अउर निकहा चरित्र से आसा पइदा होत ही।