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मती 13:23
Marwari
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जिकौ बड़िया जमीन मे बोयो गियौ, वो ओ है, जिकौ वचन नै सुणन समझै है, अर फळ लावै है। कोई सौ गुणा, कोई साठ गुणा, अर कोई तीस गुणा।”
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मती 13:22
जिकौ झाड़ियौ मे बोयो गियौ, वो ओ है, जिकौ वचन नै सुणै है, पण इण संसार री चिंता अर धन रौ लालच वचन नै दबावे है, अर वो फळ कोनीं लावै।
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मती 13:19
जिकौ कोई राज्य रा वचन सुणन नीं हमजयो, वीणरै मन मे जे कीं ई बोयो गियौ हो, उणनै वो सैतान आन खोन लेन जावै है। ओ वोहीज बीज है, जिकौ मारग रै किनारै बोयो गियौ हो।
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मती 13:20-21
अर जिकौ पथरीली धरती ऊपर बोयो गियौ, वो ओ है, जिकौ वचन सुणन तुरत आंणंद ऊं मांन लेवे है। पण अपणै मे जड़ नीं राखनै रै कारण वो थोड़े दिन रौ है, अर वचन रै कारण जे परेसानी अर सताव आवै है, तो तुरत विसवास ऊं हट जावै है।
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मती 13:44
“सरग रौ राज खेत मे छिपयोड़े खजानै रै ज्यौ है, जिणै किणी मिनख नै मिळियौ अर वो मिनख उणनै उठैज खेत में छुपा दियौ, अर राजी होन आपरौ हैंग बेच दियौ अर उण खेत नै ही मोल लियौ।
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मती 13:8
पण थोड़ा बीज बड़िया जमीन मे पड़िया, अर फळ लाया, कोई सौ गुणा, कोई साठ गुणा, अर कोई तीस गुणा।
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मती 13:30
काटनै तांई दोनो नै एक साथै ऊभा रैवण दो, अर काटनै रै विळा म्हैं काटनैवाळौ ऊं कैवूंला की पैलै जंगळी दाणा रा बून्ठा भेळा करन जळाणे रै लिए उणरा पुळा बांध दो, अर गेहूं नै म्हारै गोदाम मे भेळा करौ।’ ”
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