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मरक़ुस 8:35
उर्दू हमअस्र तरजुमा
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क्यूंके जो कोई अपनी जान को बाक़ी रखना चाहता है वह उसे खोयेगा, लेकिन जो कोई मेरी और इन्जील की ख़ातिर अपनी जान खो देता है वह उसे महफ़ूज़ रखेगा।
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मरक़ुस 8:36
आदमी अगर सारी दुनिया हासिल कर ले, मगर अपनी जान का नुक़्सान उठाये उसे क्या फ़ायदा होगा?
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मरक़ुस 8:34
तब उन्होंने मज्मे के साथ अपने शागिर्दों को भी अपने पास बुलाया और उन से मुख़ातिब हुए: “जो कोई मेरी पैरवी करना चाहे तो वह ख़ुदी का इन्कार करे, अपनी सलीब उठाये और मेरे पीछे हो ले।
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मरक़ुस 8:37-38
या आदमी अपनी जान के बदले में क्या देगा? जो कोई इस ज़िनाकार और ख़ताकार पुश्त में मुझ से और मेरे कलाम से शरमाएगा तो इब्न-ए-आदम भी जब वह अपने बाप के जलाल में मुक़द्दस फ़रिश्तों के साथ आयेगा, उस से शरमाएगा।”
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मरक़ुस 8:29
तब आप ने उन से पूछा, तब आप ने उन से पूछा, “तुम मुझे क्या कहते हो? मैं कौन हूं?” पतरस ने जवाब दिया, “आप ख़ुदा के अलमसीह हैं।”
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