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मार्कास 10:45
सरल हिन्दी बाइबल
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क्योंकि मानव-पुत्र यहां इसलिये नहीं आए कि अपनी सेवा करवाएं, परंतु इसलिये कि सेवा करें और अनेकों की छुड़ौती के लिए अपना जीवन बलिदान कर दें.”
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मार्कास 10:27
उनकी ओर देखते हुए येशु ने कहा, “मनुष्यों के लिए तो यह असंभव है किंतु परमेश्वर के लिए नहीं—परमेश्वर के लिए सभी कुछ संभव है.”
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मार्कास 10:52
येशु ने उन्हें आज्ञा दी, “जाइए, यह आपका विश्वास है, जिसके द्वारा आप स्वस्थ हो गए हैं.” उसी क्षण उन व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौट आई और वह उनके पीछे चलने लगे.
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मार्कास 10:9
इसलिये जिन्हें स्वयं परमेश्वर ने जोड़ा है, उन्हें कोई मनुष्य अलग न करें.”
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मार्कास 10:21
युवक को एकटक देखते हुए येशु का हृदय उन युवक के प्रति स्नेह से भर गया. उन्होंने उनसे कहा, “एक ही कमी है आप में: जाइए, अपनी सारी संपत्ति बेचकर प्राप्त राशि गरीबों में बांट दीजिए. धन आपको स्वर्ग में प्राप्त होगा. लौटकर आइए और मेरा अनुगमन करिये.”
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मार्कास 10:51
येशु ने उनसे पूछा, “आप मुझसे क्या चाहते हैं?” “अपनी आंखों की रोशनी दुबारा पाना चाहता हूं, रब्बी!” अंधे ने उत्तर दिया.
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मार्कास 10:43
किंतु आप लोगों के विषय में ऐसा नहीं है. आप लोगों में जो बड़ा बनने के इच्छुक हैं, उन्हें आप लोगों के सेवक हो जाना ज़रूरी है.
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मार्कास 10:15
मैं तुम पर एक अटल सच्चाई प्रकट कर रहा हूं; जो परमेश्वर के राज्य को एक नन्हे बालक के भाव में ग्रहण नहीं करता, वह उसमें कभी प्रवेश न कर पाएगा.”
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मार्कास 10:31
किंतु अनेक, जो पहले हैं अंतिम होंगे तथा जो अंतिम हैं वे पहले.”
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मार्कास 10:6-8
किंतु वास्तव में सृष्टि के प्रारंभ ही से परमेश्वर ने उन्हें ‘नर और नारी’ बनाया. ‘इस कारण पुरुष अपने माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिले रहेंगे, तथा वे दोनों एक देह होंगे.’ वे दोनों एक शरीर हो जाएंगे; परिणामस्वरूप अब वे दोनों दो नहीं परंतु एक शरीर हैं.
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