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मत्तियाह 7:7
सरल हिन्दी बाइबल
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“विनती करिये, और आप लोगों को दिया जाएगा; खोजिये, और आप लोग पाएंगे; द्वार खटखटाइए, और द्वार आप लोगों के लिए खोल दिया जाएगा
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मत्तियाह 7:8
क्योंकि हर एक व्यक्ति, जो विनती करते हैं, उनकी विनती पूरी की जाती है, जो खोजते हैं, वह प्राप्त करते हैं और वह, जो द्वार खटखटाते हैं, उनके लिए द्वार खोल दिया जाता है.
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मत्तियाह 7:24
“इसलिये हर एक की तुलना, जो मेरी इन शिक्षाओं को सुनकर उनका पालन करते हैं, उन बुद्धिमान व्यक्ति से की जा सकती है, जिन्होंने अपने भवन का निर्माण चट्टान पर किया.
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मत्तियाह 7:12
इसलिये हर एक परिस्थिति में लोगों से आप लोगों का व्यवहार ठीक वैसा ही हो जैसे व्यवहार की आशा आप लोग उनसे अपने लिए करते हैं क्योंकि व्यवस्था तथा भविष्यद्वक्ताओं की शिक्षा भी यही है.
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मत्तियाह 7:14
क्योंकि सकेत है वह द्वार तथा कठिन है वह मार्ग, जो जीवन तक ले जाता है और थोड़े ही लोग हैं, जो इसे प्राप्त करते हैं.
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मत्तियाह 7:13
“संकरे द्वार में से प्रवेश करिये क्योंकि विशाल है वह द्वार और चौड़ा है वह मार्ग, जो विनाश तक ले जाता है और अनेक लोग हैं, जो इसमें से प्रवेश करते हैं.
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मत्तियाह 7:11
जब आप लोग दुष्ट होने पर भी अपनी संतान को उत्तम वस्तुएं प्रदान करना जानते हैं तो आपके स्वर्गीय पिता उन्हें, जो उनसे विनती करते हैं, कहीं अधिक बढ़कर क्या वह प्रदान न करेंगे, जो उत्तम है?
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मत्तियाह 7:1-2
“आप लोग किसी पर भी दोष मत लगाइये, तब दूसरे लोग आप लोगों पर भी दोष नहीं लगाएंगे, क्योंकि जैसे आप लोग किन्हीं पर दोष लगाते हैं, उसी प्रकार आप लोगों पर भी दोष लगाया जाएगा तथा माप के लिए आप लोग जिस बर्तन का प्रयोग करते हैं वही आप लोगों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा.
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मत्तियाह 7:26
इसके विपरीत हर एक जो, मेरी इन शिक्षाओं को सुनते तो हैं किंतु उनका पालन नहीं करते, वह उन निर्बुद्धि के समान होंगे जिन्होंने अपने भवन का निर्माण रेत पर किया.
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मत्तियाह 7:3-4
“तुम भला अपने भाई की आंख के कण की ओर उंगली क्यों उठाते हो जबकि तुम स्वयं अपनी आंख में पड़े लट्ठे की ओर ध्यान नहीं देते? या आप भला यह आप अपने भाई से कैसे कह सकते हैं, ‘ज़रा ठहरिये, मैं आपकी आंख से वह कण निकाल देता हूं,’ जबकि आपकी अपनी आंख में तो लट्ठा पड़ा हुआ है?
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मत्तियाह 7:15-16
“झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहिये, जो भेड़ों के वेश में आप लोगों के बीच आ जाते हैं, किंतु वास्तव में वे भूखे भेड़िये होते हैं. उनके स्वभाव से आप लोग उन्हें पहचान जाएंगे. न तो कंटीली झाड़ियों में से अंगूर और न ही गोखरु से अंजीर इकट्ठे किए जाते हैं.
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मत्तियाह 7:17
वस्तुतः हर एक उत्तम पेड़ उत्तम फल ही फलता है, और बुरा पेड़ बुरा फल.
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मत्तियाह 7:18
यह संभव ही नहीं कि उत्तम पेड़ बुरा फल दे, और बुरा पेड़ उत्तम फल.
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मत्तियाह 7:19
जो पेड़ उत्तम फल नहीं देता, उसे काटकर आग में झोंक दिया जाता है.
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