1
मत्ती 9:37-38
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
उसने अपने शागिर्दों से कहा, “फ़सल बहुत है, लेकिन मज़दूर कम। इसलिए फ़सल के मालिक से गुज़ारिश करो कि वह अपनी फ़सल काटने के लिए मज़ीद मज़दूर भेज दे।”
Параўнаць
Даследуйце मत्ती 9:37-38
2
मत्ती 9:13
पहले जाओ और कलामे-मुक़द्दस की इस बात का मतलब जान लो कि ‘मैं क़ुरबानी नहीं बल्कि रहम पसंद करता हूँ।’ क्योंकि मैं रास्तबाज़ों को नहीं बल्कि गुनाहगारों को बुलाने आया हूँ।”
Даследуйце मत्ती 9:13
3
मत्ती 9:36
हुजूम को देखकर उसे उन पर बड़ा तरस आया, क्योंकि वह पिसे हुए और बेबस थे, ऐसी भेड़ों की तरह जिनका चरवाहा न हो।
Даследуйце मत्ती 9:36
4
मत्ती 9:12
यह सुनकर ईसा ने कहा, “सेहतमंदों को डाक्टर की ज़रूरत नहीं होती बल्कि मरीज़ों को।
Даследуйце मत्ती 9:12
5
मत्ती 9:35
और ईसा सफ़र करते करते तमाम शहरों और गाँवों में से गुज़रा। जहाँ भी वह पहुँचा वहाँ उसने उनके इबादतख़ानों में तालीम दी, बादशाही की ख़ुशख़बरी सुनाई और हर क़िस्म के मरज़ और अलालत से शफ़ा दी।
Даследуйце मत्ती 9:35