1
यसायाह 54:17
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
चुनाँचे जो भी हथियार तुझ पर हमला करने के लिए तैयार हो जाए वह नाकाम होगा, और जो भी ज़बान तुझ पर इलज़ाम लगाए उसे तू मुजरिम साबित करेगी। यही रब के ख़ादिमों का मौरूसी हिस्सा है, मैं ही उनकी रास्तबाज़ी बरक़रार रखूँगा।” रब ख़ुद यह फ़रमाता है।
Параўнаць
Даследуйце यसायाह 54:17
2
यसायाह 54:10
गो पहाड़ हट जाएँ और पहाड़ियाँ जुंबिश खाएँ, लेकिन मेरी शफ़क़त तुझ पर से कभी नहीं हटेगी, मेरा सलामती का अहद कभी नहीं हिलेगा।” यह रब का फ़रमान है जो तुझ पर तरस खाता है।
Даследуйце यसायाह 54:10
3
यसायाह 54:4
मत डरना, तेरी रुसवाई नहीं होगी। शर्मसार न हो, तेरी बेहुरमती नहीं होगी। अब तू अपनी जवानी की शरमिंदगी भूल जाएगी, तेरे ज़हन से बेवा होने की ज़िल्लत उतर जाएगी।
Даследуйце यसायाह 54:4
4
यसायाह 54:5
क्योंकि तेरा ख़ालिक़ तेरा शौहर है, रब्बुल-अफ़वाज उसका नाम है, और तेरा छुड़ानेवाला इसराईल का क़ुद्दूस है, जो पूरी दुनिया का ख़ुदा कहलाता है।”
Даследуйце यसायाह 54:5
5
यसायाह 54:2
अपने ख़ैमे को बड़ा बना, उसके परदे हर तरफ़ बिछा! बचत मत करना! ख़ैमे के रस्से लंबे लंबे करके मेख़ें मज़बूती से ज़मीन में ठोंक दे।
Даследуйце यसायाह 54:2
6
यसायाह 54:13
तेरे तमाम फ़रज़ंद रब से तालीम पाएँगे, और तेरी औलाद की सलामती अज़ीम होगी।
Даследуйце यसायाह 54:13
7
यसायाह 54:8
मैंने अपने ग़ज़ब का पूरा ज़ोर तुझ पर नाज़िल करके पल-भर के लिए अपना चेहरा तुझसे छुपा लिया, लेकिन अब अबदी शफ़क़त से तुझ पर रहम करूँगा।” रब तेरा छुड़ानेवाला यह फ़रमाता है।
Даследуйце यसायाह 54:8
8
यसायाह 54:7
एक ही लमहे के लिए मैंने तुझे तर्क किया, लेकिन अब बड़े रहम से तुझे जमा करूँगा।
Даследуйце यसायाह 54:7
9
यसायाह 54:9
“बड़े सैलाब के बाद मैंने नूह से क़सम खाई थी कि आइंदा सैलाब कभी पूरी ज़मीन पर नहीं आएगा। इसी तरह अब मैं क़सम खाकर वादा करता हूँ कि आइंदा न मैं कभी तुझसे नाराज़ हूँगा, न तुझे मलामत करूँगा।
Даследуйце यसायाह 54:9
10
यसायाह 54:12
मैं तेरी दीवारों को याक़ूत, तेरे दरवाज़ों को आबे-बहर और तेरी तमाम फ़सील को क़ीमती जवाहर से तामीर करूँगा।
Даследуйце यसायाह 54:12