मत्ती 8

8
बेमार रोगी खे छिखे अच्छो करणो
(मरकुस 1:40-45; लूका 5:12-26)
1जब यीशु वा टेकडी से उतर्‍यो, ते एक बडी गर्दी ओका पीछे चलन लग्यी. 2अरु एक कोढी ने पास अयखे ओखे प्रणाम कऱ्यो अरु बोल्यो, “हे प्रभु, अगर तु चाये ते मेखे अच्छो करी सकस हइ.”
3यीशु ने हात उटयखे ओखे छुयो, अरु बोल्यो, “मी चैवस हइ, तू अच्छो हुइ जाये” अरु उ झल्दी कोढ से अच्छो हुइ गयो. 4यीशु ने ओकासे बोल्यो, “देख, कोय से नी बोलनु, पन जयखे अपना आप खे याजक खे देख्यो अरु जो दान चढायो मूसा ने रुख्यो हइ ओखे चेढा, ताकी ओका लिये गवाह हुये.”
सेनापति को विश्वास यीशु पर
(लूका 7:1-10)
5अरु जब उ कफरनहूम मे आयो ते एक रोमी सेनापति ने ओका पास अयखे ओकासे प्रार्थना करी. 6“हे प्रभु, मरो सेवक घर मे लकवा को मारो भोत दुख पीडा मे हइ.”
7ओने ओकासे बोल्यो, “मी अयखे ओखे अच्छो कऱ्यु,”
8सेनापति ने उत्तर दियो, “हे प्रभु, मी यो योग्य नी कि तु मरा घर मे आयो, पर फक्त मुडा से बोली दे ते मरो सेवक अच्छो हुइ जाये.” 9क्युकी मी भी अधिकार इन्सान हइ, अरु सेवक मरा हात मे हइ, अरु जब एक से बोलस हइ, जा, ते उ जास हइ. अरु दुसरा खे, आ, ते उ आस हइ, अरु अपना दास से बोलस हइ, की यो कर, ते उ करस हइ.
10यो सुनीखे यीशु ने अचम्बो कऱ्यो, अरु जो ओका पीछे ए रा था उनका से बोल्यो कि “मी तुम से सच्ची बोलुस हइ खे कि मेने इस्राएल मे भी असो विश्वास नी पायो.” 11अरु मी तुम से बोलुस हइ, कि भोत सारा पूर्व अरु पश्चिम से अयखे अब्राहम अरु इसहाक अरु याकूब का साथ स्वर्ग का राज्य मे बठ. 12पन राज को वारीस बाहेर अंधारा मे डाली दिया जाये व्हा रोनो अरु दात खे कटरनो हुये. 13अरु यीशु ने सेनापति से बोल्यो, “जा जसो तरो विश्वास हइ, असो ही तरा लिये हुये.”
अरु ओको सेवक उ टेम अच्छो हुइ गयो.
यीशु कोढिहोन खे अच्छो करणो
(मरकुस 1:29-34; लूका 4:38-41)
14अरु यीशु ने पतरस का घर मे अयखे ओकी सासु खे तेज बुखार मे पडी देखी. 15ओने ओको हात पड्यो अरु ओको बुखार उतरी गयो. अरु वा उठी खे ओकी सेवा करण लगी.
16जब संज्जा हुइ तब वे ओका पास भोत से दुन्याहोन खे लायो जोमे बुरी आत्मा थी अरु ओने वा आत्माहोन खे अपना वचन से नीकाली दियो, अरु सब बेमारहोन खे अच्छो कऱ्यो. 17ताकी जो वचन यशायाह भविष्यव्दक्ता का वजेसे बोल्यो गयो थो उ पुरो हुये “ओने खुद हमारी दुर्बलताहोन खे ली लियो अरु हमारी बेमारहोन खे उठय लियो.”
यीशु का होन आला सेवक
(लूका 9:57-62)
18यीशु ने अपना चारी तरप एक बडी गर्दी देखी खे नद्दी का वा पार जान की आज्ञा दी. 19अरु एक पंडीत ने ओका पास अयखे ओकासे बोल्यो, “हे गुरु, तु जहा कही तू जाये वहा मी तरा पीछे-पीछे हुइ लियु.”
20यीशु ने ओकासे बोल्यो, “लाडग्याहोन को घर अरु बद्दल की पक्षिहोन को बसेरो होस हइ. पन इन्सान का बेटा का लिये माथो धरन की भी जगा नी हइ.”
21एक अरु सेवक ने ओकासे बोल्यो, “हे प्रभु, मेखे पैयले जान दे, की अपना बाप खे गाडी दियु.”
22यीशु ने ओकासे बोल्यो, “तु मरा पीछे हुइ ले. अरु मुर्दा खे अपना मुर्दाहोन खे गाडन दे.”
हवा अरु तूफान खे शान्त करणो
(मरकुस 4:35-41; लूका 8:22-25)
23जब उ डोंगा पर चेढ्यो, ते ओका सेवक ओका पीछे हुइ लिया. 24“अरु नदी मे एक असो बडो तुफान उठ्यो की डोंगा पानी की लहर से ढुबन लगी. अरु उ सोय रो थो. 25तब उनने ओका पास अयखे ओखे जगायो, अरु बोल्यो, हे प्रभु, हमखे बचा, हम खतम हुय रास हइ.”
26ओने उनका से बोल्यो, “हे अल्पविश्वासिहोन, क्यु डरस हइ?” तब ओने उठीखे हवा अरु पानी खे धमकायो, अरु सब शान्त हुइ गयो.
27अरु दुनीया खे अचम्बो करीखे बोलन लग्यो, “यो कसो इन्सान हइ, कि हवा अरु पानी भी ओकि आज्ञा मानस हइ.”
यीशु बुरी आत्माआला खे अच्छो करस
(मरकुस 5:1-20; लूका 8:26-39)
28जब उ वा पार गदरेनीयो का देश मे पोच्यो, ते दो इन्सान जोमे बुरी आत्मा थी कब्र से नीकलते हुये ओखे मीली, जो येतना बलवान था कि कोय वा रस्ता से जय नी सकस हइ. 29अरु, उनने चिल्लय खे बोल्यो, “हे परमेश्वर का बेटा, हमारो तरा से काम का तु टेम से पैयले हमखे दुख देन ह्या आयो हइ.”
30उनसे कुछ दुर भोत सा डुक्कर को एक झुड चरी रो थो. 31बुरी आत्माहोन ने ओकासे बोलीखे प्रार्थना करी, “अगर तु हमखे नीकलस हइ अरु डुक्कर का झुण्ड मे भेजी देस”
32ओने उनका से बोल्यो, “जा!” अरु उ नीकली खे डुक्कर मे घुसी गया अरु पुरो झुण्ड धुरा पर से झपटिखे पानी मे जय पड्यो अरु डुबी खे मऱ्यो.
33अरु चरानआला भागीगा, अरु गाव मे जयखे या सब बात अरु जोमे बुरी आत्मा थी. उनको पुरो हाल सुनायो. 34अरु सब गाव का दुन्या यीशु से मीलन खे नीकली आया अरु ओखे देखीखे प्रार्थना करी की हमारो देश से बाहेर नीकली जा.

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