मत्ती 20:26-28

मत्ती 20:26-28 LII25

पर तुम म असो नहीं होयेंन; पर जो कोयी तुम म बड़ो होनो चाहवय, ऊ तुम्हरो सेवक बने; अऊर जो तुम म मुख्य होनो चाहवय, ऊ तुम्हरो सेवक बने; जसो कि आदमी को बेटा; ऊ येकोलायी नहीं आयो कि ओकी सेवा टहल करी जाये, पर येकोलायी आयो कि खुद सेवा टहल करे, अऊर बहुत सो की छुड़ौती लायी अपनो जीव दे।”

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