जकर्याह 11
11
इस्राएल की निर्जनता
1हे लबानोन, आग नै रास्ता दे के वा आकै तेरे देवदारां नै भस्म करै! 2हे सनोवर के दरखतों, हाय, हाय, करो! क्यूँके देवदार गिर ग्या सै अर बड़े तै बड़ै दरखत नाश होगे सैं! हे बाशान के बांज दरखतों, हाय, हाय, करो! क्यूँके अगम्य वन काट्या गया सै! 3पाळीयाँ के हाहाकार का शब्द सुणाई दे रहया सै, क्यूँके उनका वैभव नाश होग्या सै! जवान शेरां का गरजणा सुणाई देवै सै, क्यूँके यरदन घाटी कै किनारे का घणा बण नाश करया गया सै!
पाळीयाँ की भविष्यवाणी
4मेरे परमेसवर यहोवा नै यो हुकम दिया: “घात होण आळी भेड़-बकरियाँ का चरवाहा हो ज्या। 5उनके मोल लेण आळे उननै घात करण पै भी अपणे नै दोषी न्ही जाणदे, अर उनके बेचण आळे कहवैं सैं, ‘यहोवा धन्य सै, हम अमीर होगे सां;’ अर उनके पाळी उनपै कुछ दया न्ही करदे। 6यहोवा की या वाणी सै, मै इस यहूदा के राज के रहण आळयां पै फेर दया न्ही करुँगा#11:6 फेर दया न्ही करुँगा इस करकै वे घात होण आळा झुण्ड थे क्यूँके परमेसवर उनपै फेर दया ना करैगा जो निर्दयी चरवाहे कै पाच्छै गये थे जिननै सिर्फ उनका राह ए भटकाया था।। देक्खो, मै माणसां नै एक दुसरे के हाथ म्ह, अर उनके राजा के हाथ म्ह पकड़वा दियुँगा; अर वे इस देश नै नाश करैंगे, अर मै उसके रहण आळयां नै उनके बस तै ना छुड़ाऊँगा।”
7इस करकै मै घात होण आळी भेड़-बकरियाँ नै अर खास करकै उन म्ह तै जो दीन थी उननै चराण लाग्या। अर मन्नै दो लाठ्ठी ली; एक का नाम मन्नै अनुग्रह धरया, अर दुसरी का नाम एकता। इन ताहीं लिए होए मै उन भेड़-बकरियाँ नै चराण लाग्या। 8मन्नै उनके तीन्नु बुरे पाळीयाँ ताहीं एक महिन्ने म्ह नाश कर दिया, लेकिन मै उनके कारण अधीर था, अर वे मेरे तै घृणा करैं थी। 9फेर मन्नै उनतै कह्या, “मै थमनै ना चराऊँगा#11:9 मै थमनै ना चराऊँगा परमेसवर विद्रोहियाँ नै उन्हे के हाल पै छोड़ देवै सै।। थारे म्ह तै जो मरै वो मरै, अर जो नाश हो वो नाश हो, अर जो बची रहवैं वे एक दुसरे का माँस खावैं।” 10अर मन्नै अपणी वो लाठ्ठी तोड़ गेरी, जिसका नाम अनुग्रह था, के जो करार मन्नै सारी गैर जातियाँ कै गैल करया था उसनै तोड़ूँ। 11वो उसे दिन ताेड़या गया, अर इसतै दीन भेड़-बकरियाँ जो मेरे ताहीं देक्खैं थी, उननै जाण लिया के यो यहोवा का वचन सै। 12फेर मन्नै उनतै कह्या, “जै थारे ताहीं आच्छा लाग्गै तो मेरी मजदूरी द्यो, अर न्ही तो ना द्यो।” फेर उननै मेरी मजदूरी म्ह चाँदी के तीस टुकड़े तौल दिए।#11:12 मत्ती 26:15 13फेर यहोवा नै मेरे ताहीं कह्या, “इननै कुम्हार कै आगै फेंक दे,” यो कितना भारी दाम सै जो उननै मेरा ठहराया सै? फेर मन्नै चाँदी के उन तीस टुकड्यां#11:13 एक चाँदी का सिक्का आज के शहर के माणस के तन्खा के बराबर सै। ताहीं लेकै यहोवा के घर म्ह कुम्हार कै आगै फेंक दिया।#11:13 मत्ती 27:9-10 14फेर मन्नै अपणी दुसरी लाठ्ठी जिसका नाम एकता था, इस करकै तोड़ गेरी के मै उस भाईचारे के नात्ते नै तोड़ गेरूं जो यहूदा अर इस्राएल कै बीच म्ह सै।
15फेर यहोवा नै मेरे ताहीं कह्या, “इब तू मूर्ख पाळी के हथियार ले ले। 16क्यूँके मै इस देश म्ह#11:16 इस देश म्ह परमेसवर बल अर बुद्धि देवै सै लेकिन माणस पाप म्ह उसका दुरूपयोग करै सैं। एक इसा पाळी ठहराऊँगा, जो खुई होई नै ना टोहवैगा, ना आस्सै-पास्सै तै कठ्ठी करैगा, ना घायलां नै चंगा करैगा, ना जो भली चंगी सै उनका पालन-पोषण करैगा, बलके मोटियां का माँस खावैगा अर उनके खुरां नै पाड़ गेरैगा। 17हाय उस निकम्मे पाळी पै जो भेड़-बकरियाँ नै छोड़ जावै सै! उसकी बाँह अर ओळी आँख दोनुआं पै तलवार लाग्गैगी, फेर उसकी बाँह सूख ज्यागी अर उसकी सोळी आँख फूट ज्यागी।”
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