मत्‌ती 4:4

मत्‌ती 4:4 BSP25

बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”

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मत्‌ती 4:4 - बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”मत्‌ती 4:4 - बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”मत्‌ती 4:4 - बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”मत्‌ती 4:4 - बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”मत्‌ती 4:4 - बाकुन ईसु भुतड़ाक जपाप आप्‌यु की, “खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे, माणुस नीस्‌तु रुटा खाय्‌न नी जीवे, बाकुन हरेक तीना बुल सी जीवे जो भगवानेन मुंहडाम सी नीकळे।”

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