होशे 2:15

होशे 2:15 BGC

ओड़ैए मै उसनै दाख की बारियाँ देऊँगा, अर आकोर की तराई नै उम्मीद का द्वार कर दियुँगा अर ओड़ै वा मेरे ताहीं इसी बात कहवैगी जिसी अपणी जवानी के दिनां म्ह यानिके मिस्र देश तै चाल्‍ले आण कै बखत कहवै थी।