हबक्‍कूक 3:17-18

हबक्‍कूक 3:17-18 BGC

क्यूँके चाहे अंजीर के दरखतां म्ह फूल ना लाग्गे, अर ना दाखलता म्ह फळ लाग्गे, जैतून के दरखत तै सिर्फ धोखा पाया जावै अर खेत्तां म्ह अन्‍न ना उगै, बाड़याँ म्ह भेड़-बकरी ना रहवैं, अर ना थान्‍नां म्ह गां-बळध हों, फेर भी मै यहोवा कै कारण आनन्दित अर मगन रहूँगा, अर अपणे उद्धारकर्ता परमेसवर कै जरिये भोत खुश रहूँगा

Obrazy z wersetami dnia dla हबक्‍कूक 3:17-18

हबक्‍कूक 3:17-18 - क्यूँके चाहे अंजीर के दरखतां म्ह फूल ना लाग्गे,
अर ना दाखलता म्ह फळ लाग्गे,
जैतून के दरखत तै सिर्फ धोखा पाया जावै
अर खेत्तां म्ह अन्‍न ना उगै,
बाड़याँ म्ह भेड़-बकरी ना रहवैं,
अर ना थान्‍नां म्ह गां-बळध हों,
फेर भी मै यहोवा कै कारण आनन्दित अर मगन रहूँगा,
अर अपणे उद्धारकर्ता परमेसवर कै जरिये भोत खुश रहूँगाहबक्‍कूक 3:17-18 - क्यूँके चाहे अंजीर के दरखतां म्ह फूल ना लाग्गे,
अर ना दाखलता म्ह फळ लाग्गे,
जैतून के दरखत तै सिर्फ धोखा पाया जावै
अर खेत्तां म्ह अन्‍न ना उगै,
बाड़याँ म्ह भेड़-बकरी ना रहवैं,
अर ना थान्‍नां म्ह गां-बळध हों,
फेर भी मै यहोवा कै कारण आनन्दित अर मगन रहूँगा,
अर अपणे उद्धारकर्ता परमेसवर कै जरिये भोत खुश रहूँगाहबक्‍कूक 3:17-18 - क्यूँके चाहे अंजीर के दरखतां म्ह फूल ना लाग्गे,
अर ना दाखलता म्ह फळ लाग्गे,
जैतून के दरखत तै सिर्फ धोखा पाया जावै
अर खेत्तां म्ह अन्‍न ना उगै,
बाड़याँ म्ह भेड़-बकरी ना रहवैं,
अर ना थान्‍नां म्ह गां-बळध हों,
फेर भी मै यहोवा कै कारण आनन्दित अर मगन रहूँगा,
अर अपणे उद्धारकर्ता परमेसवर कै जरिये भोत खुश रहूँगा

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