यौतुवै ना पण जेख्णी असै परेशानियां मझ भूंतै, तेख्णी बि आनन्द मना सकतै, केईनी कि असु पता कि असै दुख सहन कातै, ता अच्छै तरीकै सिंउ धीरज रखणा जांणतै। जां परमेश्वर असु स्वीकार काता, केईनी कि असै धीरज रखणा जांणतै जां सैक्या असु स्वीकार काता, ऐठणीरै तेईनी असु आशा।