तुहां सभनियां पता, कि मैहणु अपड़िया ईच्छाईया पिचोरै चलतै, सैक्यै कितु-कितु कातै अत्तै, व्यभिचार, गन्दै कंम, लुचपन, मूर्ती पूजा कातै, सैक्यै जादु-टोंणा जां अपड़ा साउगिया सिंउ नफरत कातै, सैक्यै योकिया सिंउ झगड़ै कातै जां सैक्यै तैन्हांं चीजा हासिल कांनेरी कोशिश कातै, जै होरनियां किनि भूंती। सैक्यै छुईं गुस्सै भौ गांहथै। सैक्यै अपड़ा मतलब लींणैरै तेईनी होरनियांनि नीचा लुहातै, तैन्हांं मैहणुवां सैक्यै अस्वीकार कातै जै तैन्हांं सिंउ सहमत ना भूंतै जां तैन्हांं सभनियां सिंउ जुड़ी गांहथै, जै तैन्हांं सिंउ सहमत भौ गांहथै। सैक्यै योकिया केरा दुख कातै। सैक्यै नशै मझ मतवालै भौ गांहथै, सैक्यै ऐतेई धामि मझ गांहथै, जेठि मैहणु अपड़ि भ्रुख अपड़ै वशा मझ ना रखतै। जां सैक्यै ऐतियै होरै सभ बुरै कंम कातै; आंउ तुहांनि चेतावनी दींता, जिहीं मीं पेहिलै बि तुहांनि चेतावनी दितोरी थी, कि जै मैहणु ऐतिया कंम कातै सैक्यै परमेश्वरेरै राज्यरै वारिस ना भूंणै।