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मत्ती 18:20
गढवली नयो नियम
GHMNT
किलैकि जख द्वी या तीन आदिम मेरा शिष्य हूंणु कु कठ्ठा हूंदींनि उख मि ऊंका बीच मा हूंद किलैकि तुम मेरा शिष्य छा।”
Bandingkan
Selidiki मत्ती 18:20
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मत्ती 18:19
फिर मि तुम मा बुल्णु छौं जु तुम मा बट्टी द्वी आदिम कैं बात कु एक मन हवे के वीं बात तैं मगिल्या त व मेरा बुबा कि तरपां बट्टी जु स्वर्ग मा च उन ही तुम कु हवे जालो।
Selidiki मत्ती 18:19
3
मत्ती 18:2-3
ऊंका यु सवाल का जवाब मा वेल एक बच्चा तैं ऊंका नजीक मा खड़ो कैरी। अर बोलि, “मि तुम मा सच बुल्ण छौं कि तुम मनों तैं फिरैल्या अर बच्चों का जन बंणिल्या तब तुम ल स्वर्ग का राज्य मा जै सकण।”
Selidiki मत्ती 18:2-3
4
मत्ती 18:4
जु कुई अफ तैं ये बच्चा की तरौं नम्र बणालु उ परमेश्वर का राज्य मा सबसे बड़ो होलो।
Selidiki मत्ती 18:4
5
मत्ती 18:5
अर जु कुई मेरा नौं से एक इन बच्चा तैं स्वीकार करदो उ मि तैं स्वीकार करदो।
Selidiki मत्ती 18:5
6
मत्ती 18:18
“मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि जु कुछ तुम धरती मा बन्धिल्या उ स्वर्ग मा बंधे जालो अर जु कुछ तुम धरती मा खोलिल्या उ स्वर्ग मा खुलै जालो।
Selidiki मत्ती 18:18
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मत्ती 18:35
“इलै इन ही कुई तुम मा बट्टी हर एक अपड़ा विश्वासी भैय का पापों तैं मन से माफ नि करलो त मेरा बुबा जु स्वर्ग मा च, तुम दगड़ी भि उन ही करलो।”
Selidiki मत्ती 18:35
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मत्ती 18:6
पर जु कुई यूं छुटों मा बट्टी जु मि पर विश्वास करदींनि ऊं तैं उतेडो लगौ त वेकु त यु भलो च कि उ अपड़ा गौळा मा जंदरा को पाट लटकाये जौं अर उ समुद्र मा डाले जौं।
Selidiki मत्ती 18:6
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मत्ती 18:12
“तुम क्य समझदियां? जु कै मनिख कि सौ ढिबरा हो अर ऊंमा बट्टी एक हरचि जौं त उ निन्यानबे तैं एक सुरक्षित जगह मा छोड़ी के उ न पौड़ो पर जै के वीं हरचिं ढिबरा तैं नि खुज्यालो?
Selidiki मत्ती 18:12