हबक्कूक 1:3
हबक्कूक 1:3 BGC
तू मेरे ताहीं अनर्थ काम क्यूँ दिखावै सै? अर के कारण सै के तू उड़दंग नै देखदा ए रहवै सै? मेरै स्याम्ही लूट-पाट अर उड़दंग होन्दे रहवै सैं; अर झगड़ा होया करै सै अर वाद-विवाद बढ़दा जावै सै।
तू मेरे ताहीं अनर्थ काम क्यूँ दिखावै सै? अर के कारण सै के तू उड़दंग नै देखदा ए रहवै सै? मेरै स्याम्ही लूट-पाट अर उड़दंग होन्दे रहवै सैं; अर झगड़ा होया करै सै अर वाद-विवाद बढ़दा जावै सै।