जो-जो काम थमनै करणे चाहिये, वे ये सैं: एक दुसरे कै गैल सच बोल्या करो, अपणी कचहरियाँ म्ह सच्चाई का अर मेळ-मिलाप की योजना का न्याय करियो, अर अपणे-अपणे मन म्ह एक दुसरे की हानि की कल्पना ना करियो, अर झूठ्ठी कसम तै प्यार न्ही करियो, क्यूँके इन सब काम्मां तै मै घृणा करुँ सूं, यहोवा की याए वाणी सै।”