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गलातियों 5:23 (HINOVBSI)

नम्रता, और संयम है; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।

गलातियों 5:22 (HINOVBSI)

पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, कृपा, भलाई, विश्‍वास,

गलातियों 5:16 (HINOVBSI)

पर मैं कहता हूँ, आत्मा के अनुसार चलो तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।

गलातियों 5:24 (HINOVBSI)

और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उसकी लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।

1 कुरिन्थियों 9:25 (HINOVBSI)

हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है; वे तो एक मुरझानेवाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं, परन्तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं जो मुरझाने का नहीं।

1 कुरिन्थियों 9:27 (HINOVBSI)

परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता और वश में लाता हूँ, ऐसा न हो कि औरों को प्रचार करके मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूँ।

गलातियों 5:17 (HINOVBSI)

क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करता है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं, इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।

गलातियों 5:18 (HINOVBSI)

और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के अधीन न रहे।

गलातियों 5:19 (HINOVBSI)

शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन,

गलातियों 5:20 (HINOVBSI)

मूर्तिपूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म,

गलातियों 5:21 (HINOVBSI)

डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा और इनके जैसे और–और काम हैं, इनके विषय में मैं तुम से पहले से कह देता हूँ जैसा पहले कह भी चुका हूँ, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्‍वर के राज्य के वारिस न होंगे।

गलातियों 5:25 (HINOVBSI)

यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।

गलातियों 5:26 (HINOVBSI)

हम घमण्डी होकर न एक दूसरे को छेड़ें, और न एक दूसरे से डाह करें।

तीतुस 2:11 (HINOVBSI)

क्योंकि परमेश्‍वर का वह अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है,

तीतुस 2:12 (HINOVBSI)

और हमें चेतावनी देता है कि हम अभक्‍ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्‍ति से जीवन बिताएँ;

तीतुस 2:13 (HINOVBSI)

और उस धन्य आशा की अर्थात् अपने महान् परमेश्‍वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें।

1 पतरस 4:7 (HINOVBSI)

सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:9 (HINOVBSI)

बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे का अतिथि–सत्कार करो।

1 थिस्सलुनीकियों 5:6 (HINOVBSI)

इसलिये हम दूसरों के समान सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें।

1 थिस्सलुनीकियों 5:7 (HINOVBSI)

क्योंकि जो सोते हैं वे रात ही को सोते हैं, और जो मतवाले होते हैं वे रात ही को मतवाले होते हैं।

1 थिस्सलुनीकियों 5:8 (HINOVBSI)

पर हम जो दिन के हैं, विश्‍वास और प्रेम की झिलम पहिनकर और उद्धार की आशा का टोप पहिनकर सावधान रहें।

2 पतरस 1:5 (HINOVBSI)

इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके अपने विश्‍वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ,

2 पतरस 1:6 (HINOVBSI)

और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्‍ति,

2 पतरस 1:7 (HINOVBSI)

और भक्‍ति पर भाईचारे की प्रीति और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।

2 पतरस 1:8 (HINOVBSI)

क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें और बढ़ती जाएँ, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह की पहचान में निकम्मे और निष्फल न होने देगी।