मत्ती 5:11-12

मत्ती 5:11-12 DII25

“धन्य होय तुमू, जव मानुस मारे कारण तुमरी निंदा करे, आरू सताय आरू झूठ बुली तुमरे विरोध मा सब रीति की बुरी वात कये।” तव खुश आरू मगन हुयने, काहकि तुमरे करता सोरग मा मोटो फोव छे। अतरानकरीन करीन क त्या कागळियान क जो तुमरे सी पेहल हुता इनी रीति सताया।

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