मेज़ के पास आओ - Mej Par Aao (Come to the Table)Muestra

24 और धन्यवाद करके उसे तोड़ी, और कहा; कि “यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।”
हम जानते हैं कि यीशु रोमी क्रूस पर एक भयानक, क्रूर मौत मरा, एक आम अपराधी की तरह।
उस समय शिष्य पूरी तरह नहीं समझ सके थे कि यीशु उनसे क्या कह रहा है। सुसमाचारों में और पौलुस की पत्री में दिए वर्णन कृसिकरण के बाद लिखे गए है।
यीशु वह बलिदान का मेमना बना जिसका बलिदान संसार के पापों के लिए दिया जाएगा। पुराने नियम में हमें बताया गया है कि बिना लहू बहे पापों की क्षमा नहीं है (लैव्य 17:11)।
यीशु का लहू हमें सब अधर्मों से शुद्ध करता है। हमारा दोष ले लिया गया है इसीलिए हम शर्म से मुक्त जीवन जी सकते हैं। यीशु ने 2000 साल पहले आपके और मेरे लिए क्रूस पर अपना लहू बहाया। यह तब हुआ जब हम कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं कर सकते थे। इसलिए यह कोई लेन-देन वाली क्षमा नहीं है। यह एक अशर्त क्षमा है जो हर उस व्यक्ति को दी गई जो क्रूस के छुटकारे की सामर्थ्य में विश्वास करेगा। हम विश्वास द्वारा अनुग्रह से बचाए गए हैं। कितना अद्भुत उद्धारकर्ता है हमारा!
यह भी याद रखना होगा कि यह बलिदान एक ही बार हुआ, हमेशा के लिए, और जो कभी दोहराया नहीं जाएगा।
उसका शरीर जो हमारे लिए कुचला गया, वह हमारे शरीर, मन, आत्मा और दिमाग को चंगाई लाता है, जैसा कि यशायाह में भविष्यवाणी की गई थी: उसके ज़ख्मों से हम चंगे हुए हैं।
हर बार जब हम प्रभु भोज में आते हैं तो हम याद करें कि यीशु को इसके लिए क्या कीमत चुकानी पड़ी थी और उसके कारण हम क्या आनंद मनाते हैं।
Acerca de este Plan

यीशु हमारे साथ गहरी बातचीत करना चाहता है। आइए एकसाथ "प्रभु भोज की मेज़" पर मनन करें। नवाज डिक्रूज द्वारा ( Navaz DCruz) लिखा (और गुरमीत धनोवा द्वारा अनुवादित) यह 6 दिवसीय भक्ति–लेख आपको इस विषय की यात्रा पर ले जायेगा की हम प्रभु यीशु द्वारा स्थापित इस नबुवत भरे कार्य में क्या और इसे क्यों मनाते हैं।
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