संत.जोहन 10:1

संत.जोहन 10:1 ASR

“ईङ आपे के नोःआँ कंहड़ीओ-दिपीईंग जे दुवार तरअः भेंड़ा गुदड़ी रे काय बोला बकिर एटाअ होरा तरअः रकाःब केते हिजोआय हुनी चोर आउर डाकु हेके।

Kostenlose Lesepläne und Andachten zum Thema संत.जोहन 10:1