मती 12:31

मती 12:31 RWR

इण वास्तै म्हैं थांनै कहूं के मिनखां रौ हैंग तरैह रौ पाप अर अपमांन माफ कियो जावैला, पण पवितर आतमा रौ अपमांन माफ नीं कियो जावैला।

Kostenlose Lesepläne und Andachten zum Thema मती 12:31