हज्जी 1:5-6
हज्जी 1:5-6 DGV
रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, “अपने हाल पर ग़ौर करो। तुमने बहुत बीज बोया लेकिन कम फ़सल काटी है। तुम खाना तो खाते हो लेकिन भूके रहते हो, पानी तो पीते हो लेकिन प्यासे रहते हो, कपड़े तो पहनते हो लेकिन सर्दी लगती है। और जब कोई पैसे कमाकर उन्हें अपने बटवे में डालता है तो उसमें सूराख़ हैं।”

