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बधान 18:10-11-10-11
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
तम्हैं निं हेरे किधी आपणैं शोहरू-शोहरी बेदीए आगी दी बल़ीदान करी। नां तम्हैं ज़ादू-मत्र करी, नां मणशाण झ़ैऊंणै आल़ै सेटा पुछ़दै डेऊई, नां कहा डांऊं-च़ेल्लै सेटा च़लैई डेऊई।
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बधान 18:12
“किल्हैकि बिधाता करा इना इहै कामां करनै आल़ै का नफरत। तैही करनै बिधाता तिंयां इहै च़िल़्हखरै कामां करनै आल़ै ज़ातीए लोग तम्हां करै खतम ज़ुंण तेऊ देशै आसा बस्सै दै।
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बधान 18:22
तेतो जाणअ तम्हां का थोघ लागी, किल्हैकि बिधाता ज़हा च़िज़ा लै बोले कि अह हणअ, सह रहा तेखअ हई। ज़ै सह तिहअ ई नांईं होए तै ज़ाणैं तम्हैं इहअ कि सह गूर त आपणीं बाखा लागअ द बोल्दअ। पर तम्हैं निं इहै गूरा का डरदै लागी।”
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बधान 18:13
तम्हैं लोल़ी इना इहै च़िल़्हखरै कामां का दूर रही बिधाता लै नर्दोश रहै।