1
मरक़ुस 3:35
उर्दू हमअस्र तरजुमा
UCVD
क्यूंके जो कोई ख़ुदा की मर्ज़ी पर चलता है वोही मेरा भाई, मेरी बहन और मेरी मां है।”
Ṣe Àfiwé
Ṣàwárí मरक़ुस 3:35
2
मरक़ुस 3:28-29
मैं तुम से सच कहता हूं, इन्सानों के सारे गुनाह और जितना कुफ़्र वह बकते हैं मुआफ़ किये जायेंगे, लेकिन पाक रूह के ख़िलाफ़ कुफ़्र बकने वाला एक अब्दी गुनाह का मुर्तकिब होता है; इसलिये वह हरगिज़ न बख़्शा जायेगा।”
Ṣàwárí मरक़ुस 3:28-29
3
मरक़ुस 3:24-25
अगर किसी सल्तनत में फूट पड़ जाये, तो उस का वुजूद क़ाइम नहीं रह सकता। अगर किसी घर में फूट पड़ जाये, तो वह क़ाइम नहीं रह सकता।
Ṣàwárí मरक़ुस 3:24-25
4
मरक़ुस 3:11
बदरूहें भी हुज़ूर ईसा को देखती थीं, उन के सामने गिरकर चलाने लगती थीं, “आप ख़ुदा के बेटे हैं।”
Ṣàwárí मरक़ुस 3:11