चूंकि मसीह की मृत्यु सभी के लिए हुई इसलिए वे, जो अब जीवित हैं, मात्र अपने लिए नहीं परंतु उनके लिए जिएं, जिन्होंने अपने प्राण का त्याग कर दिया तथा मरे हुओं में से सभी के लिए जीवित किए गए.
इसलिये हमने मनुष्य की दृष्टि से किसी को भी समझना छोड़ दिया है. हां, एक समय था, जब हमने मसीह का अनुमान मनुष्य की दृष्टि से लगाया था—पर अब नहीं. अब हम उन्हें जान गए हैं.