1 पतरस 3:10-11
1 पतरस 3:10-11 DGV
कलामे-मुक़द्दस यों फ़रमाता है, “कौन मज़े से ज़िंदगी गुज़ारना और अच्छे दिन देखना चाहता है? वह अपनी ज़बान को शरीर बातें करने से रोके और अपने होंटों को झूट बोलने से। वह बुराई से मुँह फेरकर नेक काम करे, सुलह-सलामती का तालिब होकर उसके पीछे लगा रहे।



