1
मत्तियाह 6:33
सरल हिन्दी बाइबल
HCV
सबसे पहले परमेश्वर के राज्य की और उनकी धार्मिकता की खोज करिये, और ये सभी वस्तुएं आपको दी जाएंगी.
Vergelijk
Ontdek मत्तियाह 6:33
2
मत्तियाह 6:34
इसलिये कल की चिंता मत करिए—कल अपनी चिंता स्वयं करेगा क्योंकि हर एक दिन अपने साथ अपना ही पर्याप्त दुःख लिए हुए आता है.
Ontdek मत्तियाह 6:34
3
मत्तियाह 6:25
“यही कारण है कि मैं आप लोगों से कहता हूं कि अपने जीवन के विषय में चिंता मत करिए कि आप लोग क्या खाएंगे और क्या पिएंगे; और न ही शरीर के विषय में कि क्या पहनेंगे. क्या जीवन आहार से और शरीर वस्त्रों से अधिक कीमती नहीं?
Ontdek मत्तियाह 6:25
4
मत्तियाह 6:6
इसके विपरीत जब आप प्रार्थना करें, तो आप अपनी कोठरी में चले जाएं, द्वार बंद कर लें और अपने पिता से, जो अदृश्य हैं, प्रार्थना करिये और आपके पिता, जो अंतर्यामी हैं, आपको प्रतिफल देंगे.
Ontdek मत्तियाह 6:6
5
मत्तियाह 6:9-10
“अतः, जब भी तुम प्रार्थना करो, इस प्रकार किया करो: “ ‘हमारे स्वर्गीय पिता! आपका नाम सभी जगह सम्मानित हो. आपका राज्य हर जगह स्थापित हो. आपका राज्य हर जगह हो. आपकी इच्छा पूरी हो, जिस प्रकार स्वर्ग में, उसी प्रकार पृथ्वी पर भी.
Ontdek मत्तियाह 6:9-10
6
मत्तियाह 6:11
आज हमें हमारा रोज़ का भोजन प्रदान कीजिए.
Ontdek मत्तियाह 6:11
7
मत्तियाह 6:12
हमें हमारे अपराधों की क्षमा दीजिए, जैसे कि हमने भी अपने विरुद्ध अपराध करने वालों को क्षमा किया है.
Ontdek मत्तियाह 6:12
8
मत्तियाह 6:13
हमें प्रलोभन में न ले जाइये, परंतु दुष्ट से हमारी रक्षा कीजिए, क्योंकि राज्य, सामर्थ्य तथा प्रताप सदा-सर्वदा आप ही का है,’ आमेन.
Ontdek मत्तियाह 6:13
9
मत्तियाह 6:14
यदि आप लोग दूसरों को उनके अपराधों के लिए क्षमा करते हैं तो आपके स्वर्गीय पिता भी आपको क्षमा करेंगे.
Ontdek मत्तियाह 6:14
10
मत्तियाह 6:26
पक्षियों की ओर ध्यान दीजिए: वे न तो बीज बोते हैं, और न ही खलिहान में उपज इकट्ठा करते हैं. फिर भी आपके स्वर्गीय पिता उनका भरण-पोषण करते हैं. क्या आप लोग उनसे कहीं ज्यादा मूल्यवान नहीं?
Ontdek मत्तियाह 6:26
11
मत्तियाह 6:19-21
“पृथ्वी पर अपने लिए धन इकट्ठा मत करिए, जहां कीट-पतंगे तथा जंग उसे नाश करते तथा चोर सेंध लगाकर चुराते हैं परंतु धन स्वर्ग में जमा करिये, जहां न तो कीट-पतंगे या जंग नाश करते और न ही चोर सेंध लगाकर चुराते हैं क्योंकि जहां आपका धन है, वहीं आपका मन भी होगा.
Ontdek मत्तियाह 6:19-21
12
मत्तियाह 6:24
“किसी भी दास के लिए दो स्वामियों की सेवा करनी संभव नहीं है क्योंकि वह एक को तुच्छ मानकर दूसरे के प्रति समर्पित रहेगा या एक का सम्मान करते हुए दूसरे को तुच्छ जानेगा. तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा कर ही नहीं सकते.
Ontdek मत्तियाह 6:24
13
मत्तियाह 6:30
यदि परमेश्वर घास का श्रृंगार इस सीमा तक करते हैं, जिसका जीवन थोड़े समय का है और जो कल आग में झोंक दिया जाएगा, तो क्या वह आप लोगों को कहीं अधिक सुशोभित न करेंगे? कैसा कमजोर है आप लोगों का विश्वास!
Ontdek मत्तियाह 6:30
14
मत्तियाह 6:3-4
किंतु आप जब ज़रूरतमंदों को दान दें तो आपके बायें हाथ को यह मालूम न हो सके कि आपका दायां हाथ क्या कर रहा है कि आपकी दान प्रक्रिया पूरी तरह गुप्त रहे. तब आपके पिता, जो अंतर्यामी हैं, आपको प्रतिफल देंगे.
Ontdek मत्तियाह 6:3-4
15
मत्तियाह 6:1
“ध्यान रहे कि आप लोग, अन्य लोगों की प्रशंसा पाने के उद्देश्य से धार्मिकता के काम न करें अन्यथा आप लोगों को आपके स्वर्गीय पिता से कोई भी प्रतिफल प्राप्त न होगा.
Ontdek मत्तियाह 6:1
16
मत्तियाह 6:16-18
“जब कभी आप लोग उपवास रखें तब पाखंडियों के समान अपना मुंह मुरझाया हुआ मत बना लीजिए. वे अपना रूप ऐसा इसलिये बना लेते हैं कि लोगों की दृष्टि उन पर अवश्य पड़े. सच तो यह है कि वे अपना पूरा-पूरा प्रतिफल प्राप्त कर चुके. किंतु जब आप उपवास करें तो अपने सिर पर तेल लगाएं और अपना मुंह धो लीजिए कि आपके उपवास के विषय में सिवाय आपके स्वर्गीय पिता के—जो अदृश्य हैं—किसी को भी मालूम न हो. तब आपके पिता, जो अंतर्यामी हैं, आपको प्रतिफल देंगे.
Ontdek मत्तियाह 6:16-18